
पहले यह समझ लीजिए
Relapse इलाज की हार नहीं — इस बीमारी की प्रकृति का हिस्सा है (BP/sugar की तरह, जिनमें भी दवा छूटने पर बीमारी लौटती है)। फर्क यह पड़ता है कि परिवार अगले 48 घंटों में क्या करता है।
तुरंत क्या करें
- शांत रहें — ‘सब बेकार गया’ मत बोलिए, न उसे, न खुद को।
- 24-48 घंटे में उसी counselor/centre से संपर्क करें जहाँ इलाज हुआ था — यह ‘दोबारा admission की शर्मिंदगी’ नहीं, follow-up है।
- Trigger पहचानें: किस दिन, किसके साथ, किस हालत में हुआ — यही अगली रोकथाम की चाबी है।
आगे के लिए
- घर में पैसों/दवाओं की व्यवस्था कुछ हफ्ते फिर कस लें — सज़ा नहीं, सहारा समझकर।
- Recovery की दिनचर्या वापस लाएँ: बैठकें/follow-up, नींद, काम, संगत।
- अपना भी ख्याल: परिवार की थकान असली है — अपने लिए भी counseling/support लें।
कब तुरंत professional मदद
Overdose के लक्षण (बेहोशी, धीमी साँस) → 108 अभी। खुद को नुकसान की बात करे → उसी दिन मानसिक-स्वास्थ्य सहायता (Tele-MANAS 14416)।
केंद्र पर हम परिवारों से एक बात बार-बार कहते हैं — relapse के बाद जो व्यक्ति 48 घंटे में follow-up पर पहुँच जाता है, उसकी वापसी अक्सर छोटी और आख़िरी साबित होती है; जो शर्म में महीनों छुपा रहता है, उसकी लत पूरी ताक़त से लौटती है। शर्मिंदगी नहीं, रफ़्तार — यही परिवार के हाथ में है।
मदद चाहिए? सबल परामर्श: 95093 02114 (call/WhatsApp) · राष्ट्रीय नशा मुक्ति Helpline: 14446 (toll-free)
स्रोत: WHO, NDDTC-AIIMS · Medically reviewed by: Dr. Brij Kishor Saini, MBBS, MD (Psychiatry) · Last updated: August 2026 · अगली समीक्षा: अगस्त 2027
अगला कदम — देर मत कीजिए
पढ़ना पहला कदम है, इलाज दूसरा। अपने ज़िले का सरकारी या मान्यता प्राप्त केंद्र अभी खोजिए, या हमसे सीधे बात कीजिए — जानकारी पूरी तरह गुप्त रहती है।
सबल ट्रस्ट
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यह website शिक्षा और जागरूकता के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। सारी स्वास्थ्य-सामग्री की चिकित्सकीय समीक्षा Dr. Brij Kishor Saini, MBBS, MD (Psychiatry) करते हैं। 14446, 14416, 108/112 भारत सरकार की सेवाएँ हैं — इनका संचालन सबल ट्रस्ट नहीं करता। किसी भी आपातकाल में पहले 108/112 पर call करें।
