नशा छोड़ चुके लोगों की सच्ची कहानियाँ किसी और परिवार की हिम्मत बन सकती हैं। लेकिन कहानी बताने वाले की इज़्ज़त और निजता सबसे पहले है। इसीलिए हमने यह नीति बनाई है — और हम इसका पालन बिना अपवाद करते हैं।
हमारे पक्के नियम
- लिखित या रिकॉर्ड की गई सहमति के बिना कोई कहानी प्रकाशित नहीं होती।
- नाम बदलकर या बिना नाम के प्रकाशन हमारी पहली पसंद है। असली नाम तभी, जब व्यक्ति स्वयं स्पष्ट रूप से चाहे।
- चेहरे की तस्वीर बिना अलग सहमति के कभी नहीं। “पहले-बाद” वाली तस्वीरें हम बिल्कुल नहीं छापते।
- प्रकाशन से पहले पूरा लेख व्यक्ति (या परिवार) को दिखाया जाता है और उनकी स्वीकृति ली जाती है।
- कभी भी वापस लेने का हक़: एक फ़ोन या संदेश पर कहानी हटा दी जाएगी — कारण पूछे बिना।
- नशे की मात्रा, तरीक़ा या स्रोत का ऐसा विवरण नहीं दिया जाता जो किसी के लिए ख़तरनाक हो (WHO की सुरक्षित-संदेश सिफ़ारिशें)।
- कहानी के बदले कोई पैसा या लाभ न लिया जाता है, न दिया जाता है।
- किसी केंद्र या डॉक्टर का प्रचार करने के लिए कहानियों का इस्तेमाल नहीं होता।
कहानी में क्या रहता है
कैसे शुरू हुआ, परिवार पर क्या बीता, मदद कहाँ से मिली, इलाज में क्या मुश्किल आई, और आज ज़िंदगी कैसी है — यानी वह सब जो किसी दूसरे परिवार के काम आ सके। हम “चमत्कार” नहीं छापते; संघर्ष और वापसी दोनों सच्चाई से लिखते हैं।
अपनी कहानी साझा करना चाहते हैं? 95093 02114 पर WhatsApp कर दीजिए — बोलकर (voice note) भी बता सकते हैं। बाक़ी सब हम संभाल लेंगे, और प्रकाशन से पहले आपकी स्वीकृति ज़रूर लेंगे।
संदर्भ: WHO safe-messaging दिशानिर्देश · अंतिम अद्यतन: अगस्त 2026
अगला कदम — देर मत कीजिए
पढ़ना पहला कदम है, इलाज दूसरा। अपने ज़िले का सरकारी या मान्यता प्राप्त केंद्र अभी खोजिए, या हमसे सीधे बात कीजिए — जानकारी पूरी तरह गुप्त रहती है।
सबल ट्रस्ट
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यह website शिक्षा और जागरूकता के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। सारी स्वास्थ्य-सामग्री की चिकित्सकीय समीक्षा Dr. Brij Kishor Saini, MBBS, MD (Psychiatry) करते हैं। 14446, 14416, 108/112 भारत सरकार की सेवाएँ हैं — इनका संचालन सबल ट्रस्ट नहीं करता। किसी भी आपातकाल में पहले 108/112 पर call करें।
